शिक्षामित्र से सहायक अध्यापक बने शिक्षकों ने उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य से की मुलाकात, पुरानी पेंशन लागू कराने की उठाई मांग

शिक्षामित्र से सहायक अध्यापक बने शिक्षकों के प्रतिनिधिमंडल ने सोमवार को ममफोर्डगंज, प्रयागराज में उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य से मुलाकात कर पुरानी पेंशन योजना (ओपीएस) का लाभ दिलाने की उठाई मांग

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शिक्षामित्र से सहायक अध्यापक बने शिक्षकों ने उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य से की मुलाकात, पुरानी पेंशन लागू कराने की उठाई मांग

कौशाम्बी :शिक्षामित्र से सहायक अध्यापक बने शिक्षकों के प्रतिनिधिमंडल ने सोमवार को ममफोर्डगंज, प्रयागराज में उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य से मुलाकात कर पुरानी पेंशन योजना (ओपीएस) का लाभ दिलाने की मांग उठाई। प्रतिनिधिमंडल ने प्रदेशभर में लंबित विकल्प पत्र की प्रक्रिया को एकरूपता के साथ लागू कराने का आग्रह किया।

संयुक्त समायोजित शिक्षक उत्तर प्रदेश के प्रदेश अध्यक्ष अरुण कुमार सिंह व संयुक्त समायोजित शिक्षक संघ के जिला अध्यक्ष कौशांबी व मंडल अध्यक्ष प्रयागराज रमेश चंद्र सेन के नेतृत्व में पहुंचे शिक्षकों ने उपमुख्यमंत्री को बताया कि 6 जून 2026 को जिला पंचायत सभागार, प्रयागराज में आयोजित प्रांतीय अधिवेशन में भी यह मुद्दा प्रमुखता से उठाया गया था।

प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि प्रदेश के 47 जनपदों में जिला बेसिक शिक्षा अधिकारियों द्वारा शिक्षामित्र से सहायक अध्यापक बने शिक्षकों से पुरानी पेंशन के लिए विकल्प पत्र जमा कराने के आदेश जारी किए जा चुके हैं, जबकि 28 जनपदों में अभी तक ऐसे आदेश जारी नहीं हुए हैं। इससे पूरे प्रदेश में असमानता की स्थिति बनी हुई है।

शिक्षकों ने उपमुख्यमंत्री को अवगत कराया कि 28 जून 2024 को जारी सचिव स्तर के आदेश में स्पष्ट उल्लेख है कि ऐसे शिक्षक एवं कार्मिक, जिनकी नियुक्ति सहायक अध्यापक के रिक्त पदों के सापेक्ष हुई व जिनका विज्ञापन 28 मार्च 2005 से पूर्व का है, उन्हें नई पेंशन योजना (एनपीएस) से बाहर कर पुरानी पेंशन योजना से आच्छादित करते हुए जीपीएफ कटौती की जाए।

प्रतिनिधिमंडल का कहना था कि शिक्षामित्रों की नियुक्ति भी सहायक अध्यापक के रिक्त पदों के सापेक्ष हुई थी। इसलिए उनकी शिक्षामित्र अवधि की सेवा को पोर्टल पर जोड़ते हुए पुरानी सेवा का लाभ प्रदान किया जाए और उन्हें पुरानी पेंशन योजना का लाभ दिया जाए।

इस दौरान कमल सिंह यादव, भीम प्रकाश सिंह सहित अन्य शिक्षक प्रतिनिधि भी उपस्थित रहे। प्रतिनिधिमंडल ने उपमुख्यमंत्री से मामले में सकारात्मक कार्रवाई करते हुए प्रदेश के सभी जनपदों में समान रूप से आदेश जारी कराने का अनुरोध किया।