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शिक्षा के साथ संस्कार, सामाजिक व पर्यावरणीय मूल्यों का भी दे रहे संदेश शिक्षक विकास

पिछले वर्ष लगाए गए 34 पौधे आज बन रहे पर्यावरण संरक्षण की प्रेरणा, शनिवार को फिर हुआ पौधारोपण

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कौशाम्बी : विकासखंड नेवादा के उच्च प्राथमिक विद्यालय रसूलपुर ब्यूर में शिक्षक विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ-साथ सामाजिक, सांस्कृतिक, नैतिक एवं पर्यावरणीय मूल्यों से भी जोड़ रहे हैं। विद्यालय परिवार का मानना है कि बच्चों का सर्वांगीण विकास केवल पुस्तकीय ज्ञान से नहीं, बल्कि अच्छे संस्कार, अनुशासन और सामाजिक जिम्मेदारियों के निर्वहन से भी होता है।

विद्यालय में नियमित रूप से विद्यार्थियों को स्वच्छता, पौधरोपण, जल संरक्षण, प्रकृति के प्रति संवेदनशीलता, बड़ों का सम्मान, आपसी सहयोग, अनुशासन तथा समाज के प्रति अपने कर्तव्यों के बारे में जागरूक किया जाता है। शिक्षक बच्चों को व्यवहारिक गतिविधियों के माध्यम से जीवन में नैतिक मूल्यों को अपनाने के लिए प्रेरित करते हैं, जिससे उनमें जिम्मेदार नागरिक बनने की भावना विकसित हो रही है।

शनिवार को विद्यालय परिसर में एक बार फिर पौधारोपण कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस दौरान शिक्षकों एवं विद्यार्थियों ने विभिन्न प्रजातियों के पौधे रोपे और उनके संरक्षण का संकल्प लिया। सभी ने पौधों की नियमित देखभाल कर परिसर को और अधिक हराभरा बनाने का संकल्प दोहराया।

विद्यालय में पिछले वर्ष लगाए गए 34 पौधे आज पूरी तरह विकसित होकर परिसर की हरियाली बढ़ा रहे हैं। ये पौधे केवल विद्यालय की सुंदरता ही नहीं बढ़ा रहे, बल्कि पर्यावरण संरक्षण का जीवंत संदेश भी दे रहे हैं। शिक्षक एवं विद्यार्थी मिलकर इन पौधों की नियमित देखभाल करते हैं, जिससे बच्चों में प्रकृति के प्रति प्रेम, संरक्षण और जिम्मेदारी की भावना विकसित हो रही है। विद्यालय परिवार का मानना है कि पौधरोपण तभी सफल माना जा सकता है, जब पौधों का संरक्षण भी पूरी निष्ठा से किया जाए।

विद्यालय परिवार का कहना है कि शिक्षा का वास्तविक उद्देश्य केवल परीक्षा में अच्छे अंक प्राप्त करना नहीं, बल्कि ऐसे नागरिक तैयार करना है जो समाज, पर्यावरण और राष्ट्र के प्रति अपनी जिम्मेदारियों को समझें और उनका ईमानदारी से पालन करें।

इस प्रेरणादायी पहल में प्रधानाध्यापक मनोज कुंवर सिंह, सहायक अध्यापक विकास सिंह तथा सहायक अध्यापिका शिवांगी की सक्रिय भूमिका रही। तीनों शिक्षक विद्यार्थियों को शिक्षा के साथ बेहतर संस्कार, पर्यावरण संरक्षण एवं सामाजिक दायित्वों का भी बोध करा रहे हैं। विद्यालय परिवार के इस प्रयास की क्षेत्र में सराहना हो रही है।