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साइकिल लेकर घर से निकला 10 वर्षीय सत्यम छह घंटे बाद 30 किमी दूर ननिहाल पहुंचा

रास्ते में लोगों से पूछकर अकेले पहुंचा फतेहपुर के अफोई गांव, पुलिस और स्वजन कई घंटे करते रहे तलाश

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कौशाम्बी: कोखराज थाना क्षेत्र के मीरापुर मजरा, शहजादपुर निवासी राकेश कुमार का 10 वर्षीय पुत्र सत्यम शनिवार सुबह घर के बाहर साइकिल चलाते-चलाते करीब 30 किलोमीटर दूर फतेहपुर जनपद स्थित अपने ननिहाल पहुंच गया। बालक के अचानक लापता होने से स्वजन और ग्रामीण कई घंटे तक परेशान रहे। ननिहाल से फोन आने के बाद स्वजनों ने राहत की सांस ली और वहां पहुंचकर बालक को सकुशल घर वापस लाए।

सत्यम गांव के ही प्राथमिक पाठशाला मीरापुर में कक्षा चार का छात्र है। शनिवार सुबह करीब आठ बजे वह घर के बाहर सड़क पर अपनी छोटी नीले रंग की साइकिल चला रहा था। काफी देर तक घर वापस न लौटने पर स्वजनों ने आसपास और गांव में उसकी तलाश शुरू की, लेकिन उसका कोई पता नहीं चला। करीब 11 बजे तक जब वह घर नहीं पहुंचा तो स्वजनों की चिंता बढ़ गई और उन्होंने पुलिस को सूचना दी।

स्वजनों के अनुसार, सत्यम नीले रंग की फुल कमीज पहनकर घर से निकला था। इसके बाद वह साइकिल से किस ओर चला गया, इसकी जानकारी किसी को नहीं थी। सूचना मिलने पर शहजादपुर चौकी पुलिस मौके पर पहुंची और बालक का फोटो व आधार कार्ड लेकर उसकी तलाश शुरू कर दी। पुलिस के साथ स्वजन और ग्रामीण भी संभावित स्थानों पर उसकी खोजबीन में जुट गए।

इसी बीच कई घंटे बाद सत्यम के ननिहाल से स्वजनों के पास फोन आया कि वह फतेहपुर जनपद के सुल्तानपुर घोष थाना क्षेत्र के अफोई गांव स्थित ननिहाल पहुंच गया है। ननिहाल पहुंचने की जानकारी मिलते ही स्वजनों ने राहत की सांस ली। इसके बाद वे वहां पहुंचे और सत्यम को सकुशल घर वापस ले आए।

सत्यम की मां ने बताया कि करीब पांच-छह महीने पहले वह उसे ननिहाल लेकर गई थीं। इसके बाद वह वहां नहीं गया था। शनिवार को सत्यम अकेले साइकिल से रास्ते में लोगों से पूछताछ करते हुए ननिहाल पहुंच गया। करीब 30 किलोमीटर की दूरी तय करने में उसे छह-सात घंटे लगे। इतने छोटे बच्चे का अकेले रास्ता खोजते हुए ननिहाल पहुंच जाना स्वजनों के लिए भी हैरानी का विषय बना रहा।

घर लौटने के बाद स्वजनों ने सत्यम को भविष्य में बिना बताए कहीं भी नहीं जाने की हिदायत दी। शहजादपुर चौकी पुलिस ने भी बालक को समझाते हुए कहा कि घरवालों की अनुमति के बिना कहीं नहीं जाना चाहिए। पुलिस ने उसे दोबारा ऐसा न करने के लिए प्रेरित किया और स्वजनों से बच्चों पर नजर रखने की अपील की।