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रंगों में दिखा बच्चों का सपनों का भारत, चित्रों में उकेरा विकसित राष्ट्र का संकल्प

उच्च प्राथमिक विद्यालय पेरई में चित्रकला प्रतियोगिता में बच्चों ने दिखाई रचनात्मक प्रतिभा, स्वच्छ, शिक्षित और समृद्ध भारत की परिकल्पना को चित्रों में सजाया

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कौशाम्बी : नेवादा विकासखंड के उच्च प्राथमिक विद्यालय पेरई में शुक्रवार को सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत ‘मेरे सपनों का भारत’ विषय पर चित्रकला प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। प्रतियोगिता में छात्र-छात्राओं ने उत्साह के साथ प्रतिभाग करते हुए अपनी कल्पनाशीलता और रचनात्मक प्रतिभा का प्रदर्शन किया। बच्चों ने रंगों और रेखाओं के माध्यम से अपने सपनों के भारत की तस्वीर कागज पर उकेरी।

राज पुरस्कार प्राप्त शिक्षक हरिओम सिंह की अगुवाई में आयोजित प्रतियोगिता में विद्यार्थियों ने देश के विकास, शिक्षा, स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण, तकनीकी प्रगति, महिला सशक्तीकरण और आत्मनिर्भर भारत जैसी विभिन्न कल्पनाओं को चित्रों के माध्यम से प्रस्तुत किया। बच्चों के बनाए चित्रों में कहीं हरे-भरे पेड़-पौधों से युक्त स्वच्छ भारत की तस्वीर दिखाई दी तो कहीं आधुनिक सुविधाओं से संपन्न विकसित भारत की परिकल्पना नजर आई। विद्यार्थियों ने अपनी सोच के अनुसार आकर्षक चित्र बनाकर अपनी प्रतिभा का परिचय दिया।

प्रतियोगिता के दौरान बच्चों में खासा उत्साह देखने को मिला। एक-दूसरे के चित्रों को देखकर विद्यार्थियों ने नए विचार भी साझा किए। शिक्षकों ने बच्चों को चित्रों में अपनी कल्पना को स्वतंत्र रूप से व्यक्त करने के लिए प्रेरित किया। प्रतियोगिता का उद्देश्य बच्चों में रचनात्मक अभिव्यक्ति के साथ ही देश के भविष्य को लेकर सकारात्मक सोच विकसित करना रहा।

प्रधानाध्यापक सत्यवती ने बच्चों का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि ऐसी गतिविधियां विद्यार्थियों की छिपी प्रतिभा को सामने लाने का अवसर देती हैं। चित्रकला के माध्यम से बच्चे अपने विचारों को सहजता से व्यक्त कर सकते हैं। उन्होंने विद्यार्थियों को पढ़ाई के साथ रचनात्मक एवं शैक्षिक गतिविधियों में बढ़-चढ़कर भाग लेने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि आज के बच्चे ही देश के भविष्य के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।

राज पुरस्कार प्राप्त शिक्षक हरिओम सिंह ने भी विद्यार्थियों के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि प्रतियोगिताओं के माध्यम से बच्चों में आत्मविश्वास, कल्पनाशीलता और अभिव्यक्ति का विकास होता है। ‘मेरे सपनों का भारत’ जैसे विषय बच्चों को देश के प्रति अपने विचार व्यक्त करने और भविष्य के भारत की कल्पना करने का अवसर प्रदान करते हैं।

प्रतियोगिता में विद्यार्थियों द्वारा तैयार किए गए चित्रों का शिक्षकों ने अवलोकन किया और बच्चों की रचनात्मकता की सराहना की। विद्यालय परिवार की ओर से प्रतिभाग करने वाले सभी विद्यार्थियों को प्रोत्साहित किया गया। कार्यक्रम में चक्रपाणि मिश्रा, सोनी गुप्ता, प्रतिमा कुमारी, विजेता कनौजिया, अनु केसरवानी, हबलाल सहित विद्यालय के समस्त शिक्षक मौजूद रहे।