कौशाम्बी: जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (डायट) मंझनपुर में प्राथमिक विद्यालयों के प्रधानाध्यापकों के लिए तीन दिवसीय ‘सक्षम प्रशिक्षण’ का आयोजन किया गया। प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य प्राथमिक शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार के साथ विद्यालयी नेतृत्व को सुदृढ़ करना और प्रधानाध्यापकों को प्रभावी शैक्षणिक एवं प्रशासनिक प्रबंधन की आवश्यक जानकारी, कौशल तथा व्यावहारिक रणनीतियों से दक्ष बनाना रहा।
प्रशिक्षण कार्यक्रम प्राचार्य एवं उप शिक्षा निदेशक, डायट कौशाम्बी निधि शुक्ला के निर्देशन एवं मार्गदर्शन में संपन्न हुआ। प्रशिक्षण के दौरान शैक्षणिक गुणवत्ता, विद्यालय प्रबंधन, शैक्षणिक नेतृत्व, शिक्षक सहयोग, विद्यार्थियों की सीखने की आवश्यकताओं तथा बाल-अनुकूल विद्यालयी वातावरण समेत विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई।
प्रशिक्षण का संचालन डा. दिनेश कुमार यादव ने किया। उन्होंने विभिन्न सत्रों में विषयवस्तु को सरल एवं व्यावहारिक तरीके से समझाते हुए विद्यालय स्तर पर उसके प्रभावी क्रियान्वयन की रणनीतियों पर प्रकाश डाला। प्रशिक्षण को सहभागी और संवादात्मक बनाने के लिए गतिविधियों, समूह-चर्चा, अनुभव-साझाकरण तथा व्यावहारिक उदाहरणों का सहारा लिया गया।
प्रशिक्षण के विभिन्न सत्रों में डा. दिनेश सिंह यादव, डा. प्रमोद सेठ एवं डा. वंदना सिंह ने भी प्रशिक्षणार्थियों को अकादमिक एवं शैक्षिक मार्गदर्शन प्रदान किया। वक्ताओं ने कहा कि प्राथमिक विद्यालयों में प्रधानाध्यापक की भूमिका केवल प्रशासनिक दायित्व निभाने तक सीमित नहीं है, बल्कि वे विद्यालय के शैक्षणिक नेतृत्वकर्ता भी हैं। प्रभावी नेतृत्व, शिक्षक-समन्वय, नियमित शैक्षणिक अनुश्रवण और बच्चों की सीखने की आवश्यकताओं पर केंद्रित प्रयासों से विद्यालय की शैक्षिक गुणवत्ता में उल्लेखनीय सुधार लाया जा सकता है।
वरिष्ठ प्रवक्ता अनूप कुमार ने भी प्रशिक्षणार्थियों को मार्गदर्शन दिया। उन्होंने विद्यालय में टीम भावना, शिक्षक सहयोग और सामूहिक कार्ययोजना के महत्व पर जोर देते हुए कहा कि प्रधानाध्यापक के प्रभावी नेतृत्व से विद्यालय में सकारात्मक एवं सीखने के अनुकूल वातावरण तैयार किया जा सकता है।
प्रशिक्षण में विकासखंड कड़ा, मंझनपुर, सिराथू एवं नेवादा के प्राथमिक विद्यालयों के प्रधानाध्यापकों ने प्रतिभाग किया। इस दौरान प्रधानाध्यापकों ने अपने विद्यालयों के अनुभव, शैक्षिक चुनौतियों और नवाचारों को साझा किया। विभिन्न गतिविधियों के माध्यम से प्रशिक्षण की विषयवस्तु को व्यवहारिक रूप से समझने का अवसर भी प्रतिभागियों को मिला।
समापन अवसर पर प्रशिक्षणार्थियों ने प्रशिक्षण को उपयोगी, ज्ञानवर्धक एवं व्यवहारिक बताते हुए कहा कि यहां प्राप्त नवीन अवधारणाओं एवं रणनीतियों को वे अपने-अपने विद्यालयों में लागू करेंगे। डायट कौशाम्बी की ओर से आयोजित यह प्रशिक्षण प्राथमिक शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार, प्रभावी विद्यालयी नेतृत्व के विकास तथा विद्यालयों को अधिक बाल-केंद्रित एवं सीखने के अनुकूल बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल रहा।
