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नवाचार और शैक्षिक प्रबंधन के लिए कौशांबी बीएसए डा. कमलेन्द्र कुमार कुशवाहा राष्ट्रीय पुरस्कार से होंगे सम्मानित

राष्ट्रीय शैक्षिक योजना एवं प्रशासन संस्थान ने किया चयन, दो-तीन सितंबर को नई दिल्ली में होगा सम्मान समारोह

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कौशांबी: जनपद कौशांबी में शैक्षिक गुणवत्ता में सुधार, नवाचार और प्रभावी शैक्षिक प्रबंधन के लिए किए जा रहे प्रयासों को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिली है। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी डा. कमलेन्द्र कुमार कुशवाहा का चयन राष्ट्रीय शैक्षिक योजना एवं प्रशासन संस्थान (नीपा), नई दिल्ली की ओर से राष्ट्रीय शैक्षिक प्रशासन एवं नवाचार सम्मान के लिए किया गया है। उन्हें दो और तीन सितंबर को नई दिल्ली स्थित नीपा के अकादमिक भवन में आयोजित राष्ट्रीय सम्मेलन व पुरस्कार वितरण समारोह में सम्मानित किया जाएगा।

नीपा की ओर से जिला व ब्लाक स्तरीय शिक्षा अधिकारियों द्वारा शिक्षा के क्षेत्र में किए गए नवाचार, बेहतर कार्यप्रणाली और प्रभावी शैक्षिक प्रशासन को प्रोत्साहित करने के लिए पुरस्कार योजना संचालित की जा रही है। उत्तर प्रदेश से नामित अधिकारियों में डा. कमलेन्द्र कुमार कुशवाहा का चयन उनके नेतृत्व, टीम वर्क, समन्वित प्रशासनिक व्यवस्था और शैक्षिक नवाचारों के लिए किया गया है। समग्र शिक्षा, उत्तर प्रदेश के अपर राज्य परियोजना निदेशक प्रेम रंजन सिंह ने 25 अगस्त को पत्र जारी कर चयनित अधिकारियों को राष्ट्रीय सम्मेलन में प्रतिभाग करने के निर्देश दिए हैं।

समग्र नेतृत्व और टीम वर्क बना सफलता का आधार

डा. कुशवाहा के नेतृत्व में जिले में प्रशासनिक और शैक्षणिक व्यवस्था के विभिन्न घटकों को एकजुट कर कार्य-संस्कृति विकसित करने पर जोर दिया गया। ब्लाक स्तर पर खंड शिक्षा अधिकारियों को केवल प्रशासनिक जिम्मेदारियों तक सीमित न रखकर शैक्षणिक उत्प्रेरक के रूप में सक्रिय किया गया। विद्यालयों के नियमित निरीक्षण, संसाधनों की उपलब्धता और शिक्षकों की समस्याओं के त्वरित निस्तारण पर विशेष ध्यान दिया गया।

एसआरजी और एआरपी टीमों के माध्यम से विद्यालयों में आन-साइट सपोर्टिव सुपरविजन और नियमित मेंटरिंग को प्रभावी बनाया गया। शिक्षण पद्धतियों में सुधार, आधुनिक टीएलएम और डिजिटल सामग्री के प्रयोग को बढ़ावा दिया गया। वहीं जिला समन्वयकों के साथ नियमित समीक्षा बैठकों के माध्यम से बालिका शिक्षा, समेकित शिक्षा, निर्माण कार्य, प्रशिक्षण और मध्याह्न भोजन सहित विभिन्न योजनाओं की प्रगति की निगरानी की गई। न्याय पंचायत स्तर पर शिक्षक संकुल बैठकों को नवाचारों के आदान-प्रदान और परस्पर सीखने का मंच बनाया गया।

शिक्षामित्रों और अनुदेशकों को भी शैक्षिक व्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा मानते हुए उनके प्रशिक्षण, सम्मान और प्रोत्साहन पर जोर दिया गया।

निपुण, छात्रवृत्ति और नवोदय में बेहतर प्रदर्शन

डा. कुशवाहा के मार्गदर्शन में निपुण भारत मिशन के अंतर्गत जिले में विशेष रणनीति अपनाई गई। भाषा व गणित की बुनियादी दक्षताओं में सुधार के लिए शिक्षण-अधिगम सामग्री के प्रयोग, निपुण तालिका और निपुण लक्ष्य एप के माध्यम से बच्चों की सीखने की प्रगति का निरंतर आकलन किया गया। इसके परिणामस्वरूप जिले के अनेक विद्यालय निपुण विद्यालय के रूप में आगे बढ़े और कौशांबी ने राज्य स्तर पर उल्लेखनीय प्रदर्शन किया।

राष्ट्रीय आय एवं योग्यता आधारित छात्रवृत्ति परीक्षा के लिए उच्च प्राथमिक विद्यालयों में विशेष तैयारी, मॉडल प्रश्नपत्र और अध्ययन सामग्री उपलब्ध कराई गई। इसी प्रकार जवाहर नवोदय विद्यालय प्रवेश परीक्षा के लिए पंजीकरण अभियान और अतिरिक्त कक्षाओं के माध्यम से बच्चों को मानसिक योग्यता, गणित और भाषा की तैयारी कराई गई। अटल आवासीय विद्यालय प्रवेश परीक्षा में पात्र बच्चों की पहचान से लेकर आवेदन और परीक्षा की तैयारी तक विशेष प्रयास किए गए।

बाल वैज्ञानिकों और विद्यालयी अवस्थापना को भी मिला प्रोत्साहन

इंस्पायर अवार्ड मानक योजना के तहत विद्यार्थियों में वैज्ञानिक सोच और नवाचार को बढ़ावा दिया गया। विद्यार्थियों को मौलिक विचार और मॉडल तैयार करने के लिए प्रोत्साहित किया गया। वहीं पंचायती राज विभाग व नगर निकायों के सहयोग से विद्यालयों में स्वच्छ पेयजल, पृथक शौचालय, टाइलीकरण, विद्युत संयोजन और सुरक्षित बाउंड्रीवाल सहित मूलभूत सुविधाओं को बेहतर बनाने पर भी जोर दिया गया। कई विद्यालयों में स्मार्ट कक्षा, प्रोजेक्टर और कंप्यूटर लैब की सुविधा विकसित कर बच्चों को डिजिटल शिक्षा से जोड़ने का प्रयास किया गया।

शिक्षकों की शिकायतों, वेतन भुगतान, मानव संपदा पोर्टल से अवकाश स्वीकृति और अन्य सेवा संबंधी प्रकरणों के त्वरित निस्तारण के लिए भी पारदर्शी और संवेदनशील व्यवस्था विकसित की गई।

उपलब्धि पर जिले में खुशी की लहर

राष्ट्रीय स्तर पर डा. कुशवाहा के चयन की सूचना मिलते ही जिले के प्रशासनिक अधिकारियों, शिक्षक संगठनों, एसआरजी, एआरपी, बीईओ, संकुल शिक्षकों, शिक्षामित्रों, अनुदेशकों और शिक्षा जगत से जुड़े लोगों में खुशी की लहर दौड़ गई। विभिन्न शिक्षक संगठनों और विभागीय कर्मियों ने उन्हें बधाई देते हुए इसे कौशांबी की बेसिक शिक्षा के लिए गौरवपूर्ण उपलब्धि बताया। जिलेवासियों का मानना है कि यह सम्मान बेसिक शिक्षा व्यवस्था में नई ऊर्जा, निष्ठा और नवाचार को बढ़ावा देगा।

बीएसए ने जताया आभार, पूरी टीम को समर्पित किया सम्मान

राष्ट्रीय पुरस्कार के लिए चयनित होने पर बीएसए डा. कमलेन्द्र कुमार कुशवाहा ने इसका श्रेय स्वयं लेने के बजाय जनपद के समस्त खंड शिक्षा अधिकारियों, एसआरजी, एआरपी, डीसी, कार्यालय स्टाफ, शिक्षकों, शिक्षामित्रों, अनुदेशकों और सबसे महत्वपूर्ण बच्चों को दिया।

उन्होंने कहा, "यह पुरस्कार जनपद कौशांबी के समस्त खंड शिक्षा अधिकारियों, एसआरजी, एआरपी, डीसी, कार्यालय स्टाफ तथा सभी शिक्षक, शिक्षामित्र, अनुदेशक और हमारे बच्चों के निरंतर शैक्षिक गुणवत्ता के लिए किए गए प्रयासों को समर्पित है। राष्ट्रीय स्तर पर कौशांबी को शिक्षा के क्षेत्र में नवोन्मेष के माध्यम से बेहतर पहचान दिलाने और जमीनी धरातल पर आए सकारात्मक परिवर्तन के लिए सभी के सार्थक प्रयासों और निरंतर टीम भावना से कार्य करने के लिए हृदय की अतल गहराइयों से हार्दिक आभार एवं साधुवाद।"

उन्होंने कहा कि यह सम्मान पूरी टीम के लिए नई ऊर्जा और जिम्मेदारी लेकर आया है। भविष्य में भी बच्चों की शैक्षिक गुणवत्ता और विद्यालयी व्यवस्था को और बेहतर बनाने के लिए सामूहिक प्रयास जारी रहेंगे।