कौशाम्बी : विकास खंड सरसवां स्थित बीआरसी में चल रहे एफएलएन एवं एनसीईआरटी आधारित पांच दिवसीय शिक्षक प्रशिक्षण के दौरान मंगलवार को शिक्षकों को निपुणता की शपथ दिलाई गई। शिक्षकों ने बच्चों में बुनियादी भाषा और गणितीय दक्षताओं के विकास के साथ विद्यालयों को निपुण बनाने के लिए पूरी निष्ठा और जिम्मेदारी से कार्य करने का संकल्प लिया।
एसआरजी डा. ओपी सिंह ने शिक्षकों को प्रशिक्षण के उद्देश्य और महत्व से अवगत कराते हुए कहा कि निपुण भारत मिशन का मुख्य उद्देश्य बच्चों को प्रारंभिक कक्षाओं में पढ़ने, समझने, लिखने और गणितीय अवधारणाओं की मजबूत आधारभूत समझ विकसित कराना है। उन्होंने शिक्षकों से प्रशिक्षण के दौरान सीखी गतिविधियों और शिक्षण विधियों को कक्षा-कक्ष में प्रभावी ढंग से लागू करने का आह्वान किया।
उन्होंने कहा कि बच्चों की बुनियादी दक्षताओं को मजबूत करने के लिए गतिविधि आधारित और बाल केंद्रित शिक्षण को प्राथमिकता देना आवश्यक है। शिक्षकों की सक्रिय भूमिका से ही निपुण लक्ष्य को प्रभावी ढंग से हासिल किया जा सकता है।
इस दौरान डायट टीम ने प्रशिक्षण स्थल का निरीक्षण किया। टीम के सदस्यों ने शिक्षकों से प्रशिक्षण में बताए गए विभिन्न विषयों से संबंधित प्रश्न पूछकर उनकी समझ का जायजा लिया। प्रशिक्षण की गुणवत्ता की समीक्षा करते हुए टीम ने शिक्षकों को गतिविधि आधारित शिक्षण को कक्षा में अपनाने के लिए प्रेरित किया।
प्रशिक्षण में संदर्भदाता राजेश सिंह, पंकज सिंह, आशुतोष सिंह, आशुतोष शुक्ला और राजू केशरवानी ने शिक्षकों को विभिन्न विषयों पर प्रशिक्षण दिया। शिक्षकों ने प्रशिक्षण की गतिविधियों में उत्साहपूर्वक सहभागिता करते हुए निपुण लक्ष्य हासिल करने के लिए अपने दायित्वों का प्रभावी ढंग से निर्वहन करने का संकल्प दोहराया।
