कौशाम्बी: नई एनसीईआरटी पाठ्यपुस्तकों के प्रभावी क्रियान्वयन और बुनियादी साक्षरता एवं संख्यात्मक ज्ञान (एफएलएन) को मजबूत बनाने के उद्देश्य से प्रस्तावित पांच दिवसीय शिक्षक प्रशिक्षण कार्यक्रम की तैयारियों ने गति पकड़ ली है। इसी क्रम में बुधवार को बीआरसी कार्यालय कौशांबी में खंड शिक्षा अधिकारी डॉ. अरुण कुमार सिंह की अध्यक्षता में समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में प्रशिक्षण कार्यक्रम को सफल, प्रभावी और परिणामोन्मुख बनाने के लिए विभिन्न बिंदुओं पर विस्तृत चर्चा करते हुए अधिकारियों एवं एआरपी टीम को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।
बैठक में प्रशिक्षण की रूपरेखा, सत्रवार कार्ययोजना, प्रशिक्षण मॉड्यूल, प्रतिभागी शिक्षकों की उपस्थिति, प्रशिक्षण सामग्री, संदर्भदाताओं की जिम्मेदारियों तथा व्यवस्थाओं की विस्तार से समीक्षा की गई। खंड शिक्षा अधिकारी ने कहा कि नई एनसीईआरटी पुस्तकों के अनुरूप शिक्षण पद्धति को विद्यालयों तक प्रभावी ढंग से पहुंचाना प्रशिक्षण का प्रमुख उद्देश्य है। इसके लिए प्रत्येक सत्र को गतिविधि आधारित, सहभागी और व्यवहारिक बनाया जाए, ताकि शिक्षक प्रशिक्षण के दौरान सीखी गई तकनीकों को सीधे कक्षा शिक्षण में लागू कर सकें।
उन्होंने कहा कि बदलते शैक्षिक परिदृश्य में केवल पाठ्यपुस्तकों का अध्ययन पर्याप्त नहीं है, बल्कि बच्चों की समझ, सहभागिता और सीखने के स्तर को बेहतर बनाने वाली शिक्षण विधियों को अपनाना भी आवश्यक है। इसी उद्देश्य से प्रशिक्षण में शिक्षकों को व्यवहारिक गतिविधियों और नवाचारों से जोड़ा जाएगा।
बैठक में निर्णय लिया गया कि प्रशिक्षण के दौरान कैच-अप शिक्षण, निपुण लक्ष्य, नई एनसीईआरटी पाठ्यपुस्तकों का प्रभावी उपयोग, पुस्तकालय आधारित शिक्षण, कार्यपुस्तिका का उपयोग, शिक्षक डायरी का प्रभावी संचालन, स्मार्ट क्लास तथा गतिविधि आधारित शिक्षण जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विशेष फोकस किया जाएगा। साथ ही प्रशिक्षण की नियमित मॉनिटरिंग और गुणवत्तापूर्ण संचालन सुनिश्चित करने पर भी सहमति बनी।
बैठक के अंत में एआरपी टीम एवं संबंधित अधिकारियों ने प्रशिक्षण कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए समन्वय के साथ कार्य करने और निर्धारित दायित्वों का पूरी निष्ठा एवं जिम्मेदारी से निर्वहन करने का संकल्प लिया।
समीक्षा बैठक में एआरपी अनिल कुमार सिंह, अजीत कुमार शुक्ला, कृष्ण प्रकाश सिंह, पुष्पेंद्र सिंह, ओम नारायण साहू तथा एलएलएफ टीम से मोहम्मद शादाब सहित संबंधित अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
