कौशाम्बी
मंझनपुर स्थित उदयन सभागार में बुधवार को मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेस चिकित्सा योजना का शुभारंभ किया गया। कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश गौसेवा आयोग के सदस्य राजेश सिंह सेंगर, जिला पंचायत अध्यक्ष कल्पना सोनकर और चायल विधायक पूजा पाल ने दीप प्रज्ज्वलित कर योजना का शुभारंभ किया। इसके बाद शिक्षकों को प्रतीकात्मक रूप से कैशलेस हेल्थ कार्ड वितरित किए गए।
कार्यक्रम में अनिल कुमार सिंह, राम बाबू दिवाकर, विनय कुमार सिंह, ओमदत्त त्रिपाठी, विपिन कुमार, विभा सिंह, नीरज शुक्ला, सोनी केशरवानी, अनंत कुमार सिंह, आशीष शुक्ला, राकेश कुमार, मोहम्मद अयूब सिद्दीकी तथा धर्मेश कुमार मिश्रा को प्रतीकात्मक रूप से कैशलेस चिकित्सा कार्ड प्रदान किए गए।
राजेश सिंह सेंगर ने कहा कि शिक्षक राष्ट्र निर्माण की आधारशिला हैं। शिक्षक समाज का दर्पण और देश के भविष्य के निर्माता होते हैं। उन्होंने शिक्षकों से गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ बच्चों में संस्कार, राष्ट्रभावना और नवाचार की सोच विकसित करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि वर्ष 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य को साकार करने में शिक्षकों की महत्वपूर्ण भूमिका होगी।
जिला पंचायत अध्यक्ष कल्पना सोनकर ने कहा कि सरकार शिक्षकों के स्वास्थ्य और कल्याण के प्रति पूरी तरह संवेदनशील है। मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेस चिकित्सा योजना के माध्यम से शिक्षकों एवं उनके आश्रितों को गुणवत्तापूर्ण और समयबद्ध स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। यह योजना उनके स्वास्थ्य सुरक्षा की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
चायल विधायक पूजा पाल ने कहा कि प्रदेश सरकार शिक्षा और शिक्षकों के हित में लगातार कार्य कर रही है। शिक्षामित्रों और अनुदेशकों का मानदेय बढ़ाने के साथ ही शिक्षकों एवं उनके परिवारों के स्वास्थ्य सुरक्षा के लिए मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेस चिकित्सा योजना लागू की गई है। उन्होंने कहा कि सरकार बच्चों के उज्ज्वल भविष्य और सर्वांगीण विकास के लिए प्रतिबद्ध है तथा शिक्षकों से गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देकर नई पीढ़ी को बेहतर नागरिक बनाने का आह्वान किया।
जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी डॉ. कमलेंद्र कुमार कुशवाहा ने कहा कि मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेस चिकित्सा योजना शिक्षकों के सम्मान और सुरक्षा की दिशा में एक ऐतिहासिक पहल है। उन्होंने कहा कि स्वस्थ शिक्षक ही बेहतर ढंग से विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा दे सकते हैं। विभाग का लक्ष्य जिले के प्रत्येक विद्यालय में बेहतर शैक्षिक वातावरण तैयार करना, शत-प्रतिशत नामांकन, नियमित उपस्थिति और निपुण भारत मिशन के लक्ष्यों को समयबद्ध रूप से प्राप्त करना है। उन्होंने शिक्षकों से पूरी निष्ठा और समर्पण के साथ बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए कार्य करने तथा विद्यालयों में नवाचार आधारित शिक्षण को बढ़ावा देने की अपील की।
कार्यक्रम के दौरान वाराणसी में आयोजित मुख्यमंत्री के कार्यक्रम का सजीव प्रसारण भी किया गया, जिसे उपस्थित जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों और शिक्षकों ने देखा। मुख्यमंत्री ने प्रदेश के एक करोड़ 10 लाख विद्यार्थियों के अभिभावकों के खातों में डीबीटी के माध्यम से 1200-1200 रुपये की धनराशि हस्तांतरित की। इसमें कौशांबी जिले के 1 लाख 19 हजार 641 विद्यार्थियों के अभिभावकों के खातों में भी 1200-1200 रुपये भेजे गए।
कार्यक्रम में जिलाधिकारी डॉ. अमित पाल, मुख्य विकास अधिकारी विनोद राम त्रिपाठी, जिला विद्यालय निरीक्षक एल.बी. मौर्य, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी डॉ. कमलेंद्र कुमार कुशवाहा सहित अन्य अधिकारी, शिक्षक एवं शिक्षणेत्तर कर्मचारी मौजूद रहे।
