कौशाम्बी :चंद्रशेखर सिंह आयुर्वेदिक संस्थान कोइलहा में मंगलवार को महर्षि चरक जयंती समारोह श्रद्धा, हर्ष व उल्लास के साथ मनाया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि प्रो. चंद्रशेखर पांडेय, विभागाध्यक्ष, संहिता व दर्शन विभाग, काशी हिंदू विश्वविद्यालय, वाराणसी व विशिष्ट अतिथि प्रो. रवि शंकर पांडेय, संस्कृत विद्या विभाग, संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय, वाराणसी ने महर्षि चरक के चित्र पर माल्यार्पण कर किया। संस्थान के प्रधानाचार्य प्रो. विनोद कुमार ने अतिथियों को अंगवस्त्र और पुष्पगुच्छ भेंटकर सम्मानित किया।
मुख्य अतिथि प्रो. चंद्रशेखर पांडेय ने अपने संबोधन में महर्षि चरक के जन्मस्थान और काल से संबंधित विभिन्न भ्रांतियों का प्रमाण सहित निराकरण किया। उन्होंने महर्षि चरक द्वारा स्थापित चिकित्सा के मूल सिद्धांतों पर विस्तार से प्रकाश डालते हुए आयुर्वेद चिकित्सा पद्धति में उनके महत्वपूर्ण योगदान को रेखांकित किया।
विशिष्ट अतिथि प्रो. रवि शंकर पांडेय ने चरक संहिता में वर्णित योग व आध्यात्म के विषय पर विस्तार से जानकारी दी। संस्थान के निदेशक प्रो. एस.एन. सिंह ने चिकित्सा के क्षेत्र में महर्षि चरक के मौलिक योगदान को स्मरण करते हुए उनके सिद्धांतों की प्रासंगिकता पर प्रकाश डाला।
समारोह के दौरान संस्थान के प्रेक्षागृह में श्लोक वाचन प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। इसमें 2024-25 बैच की कु. ईशिता सिंह ने प्रथम, इसी बैच की कु. सुषमा ने द्वितीय व 2022-23 बैच की कु. सुष्मिता ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। विजेता छात्राओं को अतिथियों ने शुभकामनाएं दीं।
इसके बाद संस्थान के छात्र-छात्राओं ने विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रम और लघु नाटिका प्रस्तुत कर उपस्थित लोगों को मंत्रमुग्ध कर दिया। कार्यक्रम में प्रो. प्रभात कुमार तिवारी, डा. अमित सिंह सहित संस्थान के शिक्षक, चिकित्सक, कर्मचारी व छात्र-छात्राएं मौजूद रहे।
कार्यक्रम का संचालन डा. नरेंद्र कुमार पांडेय ने किया। संस्थान के प्रधानाचार्य प्रो. विनोद कुमार ने अतिथियों, शिक्षकों, चिकित्सकों, कर्मचारियों व विद्यार्थियों के प्रति आभार व्यक्त किया।
