कौशाम्बी। परिषदीय विद्यालयों में बच्चों को रोचक, आनंददायक और गतिविधि आधारित शिक्षा उपलब्ध कराने की दिशा में बुधवार को एक महत्वपूर्ण पहल की गई। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी डॉ. कमलेंद्र कुमार कुशवाहा के निर्देशन में "ज्ञान का पिटारा" किट वाहन को हरी झंडी दिखाकर विभिन्न विद्यालयों के लिए रवाना किया गया। इस पहल का उद्देश्य बच्चों में शिक्षा के प्रति रुचि बढ़ाना, जिज्ञासा विकसित करना तथा खेल-खेल में सीखने की संस्कृति को मजबूत करना है।
किट वाहन को सहायक वित्त एवं लेखाधिकारी आशीष कुमार, जिला समन्वयक (बालिका शिक्षा) योगेश तिवारी, जिला समन्वयक (प्रशिक्षण) धर्मनाथ तथा अन्य जिला समन्वयकों की उपस्थिति में रवाना किया गया। अधिकारियों ने इसे बुनियादी शिक्षा में नवाचार को बढ़ावा देने वाली महत्वपूर्ण पहल बताते हुए कहा कि गतिविधि आधारित शिक्षण से बच्चों का समग्र विकास संभव होगा।
अधिकारियों ने कहा कि वर्तमान समय में केवल पुस्तकीय ज्ञान पर्याप्त नहीं है। बच्चों को सीखने की प्रक्रिया से जोड़ने के लिए उन्हें प्रयोगात्मक और गतिविधि आधारित अवसर उपलब्ध कराना आवश्यक है। "ज्ञान का पिटारा" किट के माध्यम से विद्यार्थियों की कल्पनाशक्ति, रचनात्मक सोच, तार्किक क्षमता और समस्या समाधान कौशल को विकसित करने में मदद मिलेगी।
किट में विभिन्न शैक्षिक खेल, गतिविधि आधारित शिक्षण सामग्री और प्रयोगात्मक संसाधन शामिल किए गए हैं। इनकी सहायता से बच्चे सहज, सरल और आनंददायक वातावरण में सीख सकेंगे। इससे कक्षाओं में उनकी सक्रिय भागीदारी बढ़ेगी और अधिगम स्तर में भी गुणात्मक सुधार होने की उम्मीद है।
कार्यक्रम में मौजूद अधिकारियों ने गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के लिए नवाचार आधारित प्रयासों को लगातार आगे बढ़ाने का संकल्प दोहराया। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 की भावना के अनुरूप ऐसे प्रयास बच्चों के सर्वांगीण विकास के साथ-साथ बुनियादी शिक्षा की गुणवत्ता को नई दिशा देंगे।
