कौशाम्बी : विकासखंड सिराथू के प्राथमिक विद्यालय हिसामपुर परसखी में शनिवार को 80वां स्वतंत्रता दिवस धूमधाम और उत्साह के साथ मनाया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि ग्राम प्रशासक शिव प्रताप सिंह ने ध्वजारोहण कर किया। इसके बाद विद्यालय परिवार, छात्र-छात्राओं और अभिभावकों ने सामूहिक रूप से राष्ट्रगान गाकर देश के प्रति सम्मान और समर्पण की भावना व्यक्त की।
ध्वजारोहण के बाद मां सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण कर दीप प्रज्ज्वलित किया गया। विद्यालय के प्रधानाध्यापक रामकृष्ण साहू ने अपने संबोधन में स्वतंत्रता संग्राम के वीर शहीदों को नमन करते हुए कहा कि देश को आजादी दिलाने के लिए असंख्य स्वतंत्रता सेनानियों ने अपना सर्वस्व न्योछावर कर दिया। उन्होंने महात्मा गांधी, भगत सिंह, चंद्रशेखर आजाद, रामप्रसाद बिस्मिल, अशफाक उल्ला खां और नेताजी सुभाष चंद्र बोस जैसे महान स्वतंत्रता सेनानियों के संघर्ष और बलिदान को याद किया। उन्होंने कहा कि शहीदों के त्याग और संघर्ष के कारण ही आज हम स्वतंत्र भारत में सांस ले रहे हैं। नई पीढ़ी को उनके जीवन से प्रेरणा लेकर देश की सेवा और राष्ट्र निर्माण में योगदान देना चाहिए।
इसके बाद शिक्षामित्र बीरेंद्र कुमार ने संबोधित करते हुए कहा कि स्वतंत्रता केवल अधिकार नहीं, बल्कि जिम्मेदारी भी है। हमें अपने देश की एकता, अखंडता और भाईचारे को मजबूत करने के लिए सदैव प्रयास करना चाहिए। उन्होंने विद्यार्थियों से महापुरुषों के जीवन से प्रेरणा लेने, मन लगाकर पढ़ाई करने और अच्छे नागरिक बनने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि आजादी के लिए शहीद हुए वीरों का सच्चा सम्मान तभी होगा, जब हम अपने कर्तव्यों का ईमानदारी से पालन करेंगे।
कार्यक्रम में छात्र-छात्राओं ने देशभक्ति गीत, कविताओं और सांस्कृतिक कार्यक्रमों की मनमोहक प्रस्तुतियां दीं। बच्चों की प्रस्तुतियों पर उपस्थित अतिथियों और अभिभावकों ने तालियां बजाकर उनका उत्साहवर्धन किया। उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को स्टेशनरी सामग्री देकर सम्मानित किया गया। इसके बाद बच्चों में मिष्ठान का वितरण किया गया।
प्रधानाध्यापक रामकृष्ण साहू ने कार्यक्रम का संचालन करते हुए सभी अतिथियों और अभिभावकों का आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर शिक्षिका माया सिंह, रिया सेठी, शिक्षामित्र बीरेंद्र कुमार, संध्या देवी पटेल, प्रशिक्षु अंजली देवी, वालंटियर रोहिणी सहित छात्र-छात्राएं और अभिभावक मौजूद रहे। कार्यक्रम का समापन राष्ट्रप्रेम और देश की एकता-अखंडता बनाए रखने के संकल्प के साथ हुआ।
