एफएलएन प्रशिक्षण में गुणवत्ता पर जोर, एसआरजी दिलीप तिवारी ने शिक्षकों को दिए प्रभावी शिक्षण के गुर
कौशाम्बी :बीआरसी कौशांबी में संचालित फाउंडेशनल लिटरेसी एंड न्यूमेरेसी (एफएलएन) प्रशिक्षण का चौथा दिवस सोमवार को उत्साह व सक्रिय सहभागिता के साथ संपन्न हुआ। प्रशिक्षण के दौरान जनपद के राज्य संदर्भ समूह (एसआरजी) सदस्य दिलीप तिवारी व खंड शिक्षा अधिकारी डॉ. अरुण कुमार सिंह ने प्रशिक्षण स्थल का निरीक्षण कर प्रतिभागी शिक्षकों का उत्साहवर्धन किया।
एसआरजी ने शिक्षकों को संबोधित करते हुए कहा कि एफएलएन मिशन का उद्देश्य प्रत्येक बच्चे में प्रारंभिक कक्षाओं में भाषा एवं गणित की बुनियादी दक्षताओं का विकास सुनिश्चित करना है। उन्होंने प्रशिक्षण में प्राप्त ज्ञान को विद्यालय स्तर पर प्रभावी ढंग से लागू करने पर बल देते हुए कहा कि नवाचारपूर्ण शिक्षण गतिविधियों, बाल-केंद्रित पद्धति और सतत मूल्यांकन के माध्यम से बच्चों की सीखने की गुणवत्ता में उल्लेखनीय सुधार लाया जा सकता है।
उन्होंने प्रशिक्षण के दौरान एफएलएन के विभिन्न व्यवहारिक व शैक्षणिक पहलुओं पर विस्तार से चर्चा की। साथ ही शिक्षकों की जिज्ञासाओं का समाधान करते हुए कक्षा शिक्षण को रोचक, सहभागितापूर्ण और परिणामोन्मुख बनाने के लिए कई उपयोगी सुझाव दिए। उन्होंने अपने अनुभव साझा करते हुए शिक्षकों से बच्चों की सीखने की गति के अनुरूप गतिविधि आधारित शिक्षण अपनाने का आह्वान किया।
खंड शिक्षा अधिकारी ने भी प्रशिक्षण की उपयोगिता पर प्रकाश डालते हुए कहा कि प्रशिक्षण से प्राप्त अनुभवों एवं तकनीकों का प्रभावी क्रियान्वयन विद्यालयों में बच्चों की आधारभूत साक्षरता एवं संख्यात्मक ज्ञान को मजबूत करेगा। उन्होंने सभी प्रतिभागियों से प्रशिक्षण को गंभीरता से आत्मसात कर उसे कक्षा-कक्ष में व्यवहारिक रूप से लागू करने का आग्रह किया।
प्रशिक्षण के दौरान शिक्षकों में सीखने के प्रति उत्साह देखने को मिला। विशेषज्ञों के मार्गदर्शन और संवादात्मक सत्रों से प्रतिभागियों को गुणवत्तापूर्ण व प्रभावी शिक्षण के नए आयाम प्राप्त हुए, जिससे विद्यालयों में एफएलएन मिशन को और अधिक सशक्त बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण प्रेरणा मिली।
