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एनबीएमसी पोर्टल की समीक्षा में शैक्षिक गुणवत्ता सुधार पर जोर, डायट में हुई मासिक बैठक

डायट प्राचार्या निधि शुक्ला ने कहा- पोर्टल की प्रगति ही शिक्षा की वास्तविक तस्वीर, बीएसए डॉ. कमलेन्द्र कुमार कुशवाहा बोले- गुणवत्ता से नहीं होगा कोई समझौता

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कौशाम्बी:परिषदीय विद्यालयों में प्रारंभिक शिक्षा की गुणवत्ता को और अधिक सुदृढ़, पारदर्शी एवं परिणामोन्मुखी बनाने के उद्देश्य से जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (डायट) कौशाम्बी के सभागार में गुरुवार को निपुण भारत मिशन के अंतर्गत संचालित गतिविधियों की मासिक समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता डायट प्राचार्या सुश्री निधि शुक्ला ने की। बैठक में एनबीएमसी पोर्टल पर उपलब्ध प्रगति, एफएलएन गतिविधियों, एनसीईआरटी आधारित शिक्षण, स्मार्ट क्लास, बाल वाटिका तथा पुस्तकालयों के संचालन सहित विभिन्न शैक्षिक बिंदुओं की विस्तार से समीक्षा की गई।

बैठक में जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी डॉ. कमलेन्द्र कुमार कुशवाहा, डायट के वरिष्ठ प्रवक्ता अनूप गुप्ता, जिला समन्वयक धर्मनाथ, डायट के नोडल प्रवक्ता धीरज कुमार, जनपद के सभी खंड शिक्षा अधिकारी, डायट मेंटर्स, अकादमिक रिसोर्स पर्सन्स (एआरपी), स्टेट रिसोर्स ग्रुप (एसआरजी) के सदस्य तथा डायट प्रवक्तागण उपस्थित रहे।

समीक्षा के दौरान डायट के नोडल प्रवक्ता धीरज कुमार ने एनबीएमसी पोर्टल पर उपलब्ध जनपद की वर्तमान प्रगति रिपोर्ट एवं ब्लॉकवार रैंकिंग का विस्तृत प्रस्तुतीकरण किया। इसके आधार पर विभिन्न विकास खंडों में निपुण भारत मिशन के क्रियान्वयन, अकादमिक अनुश्रवण तथा फाउंडेशनल लिटरेसी एंड न्यूमेरेसी (एफएलएन) के अंतर्गत विद्यार्थियों के भाषा एवं गणितीय दक्षता विकास की प्रगति का विश्लेषण किया गया।

डायट प्राचार्या निधि शुक्ला ने निर्देश दिए कि निपुण लक्ष्य की प्राप्ति के लिए एनबीएमसी पोर्टल पर डेटा फीडिंग एवं निपुण तालिका का नियमित अद्यतन सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने डायट मेंटर्स को विद्यालय भ्रमण के दौरान पोर्टल पर दर्ज आंकड़ों का वास्तविक स्थिति से मिलान करने तथा आवश्यक सुधारात्मक सुझाव देने के निर्देश दिए।

बैठक में परिषदीय विद्यालयों में एनसीईआरटी आधारित पाठ्यक्रम के प्रभावी क्रियान्वयन पर विशेष बल दिया गया। शिक्षकों को शिक्षक संदर्शिका के अनुरूप दैनिक शिक्षण योजना तैयार करने, शिक्षण-अधिगम सामग्री (टीएलएम) का नवाचारी उपयोग करने तथा विद्यार्थियों के बेसलाइन एवं एंडलाइन आकलन की रिपोर्ट समयबद्ध रूप से तैयार करने के निर्देश दिए गए।

समीक्षा के दौरान जनपद में संचालित स्मार्ट क्लास की स्थिति का भी मूल्यांकन किया गया, ताकि ग्रामीण क्षेत्रों के विद्यार्थियों को आधुनिक तकनीक आधारित शिक्षा का बेहतर लाभ मिल सके। इसके साथ ही बाल वाटिका (प्री-प्राइमरी) के प्रभावी संचालन, विद्यालयी पुस्तकालयों को सक्रिय बनाने तथा इको क्लब फॉर मिशन लाइफ के माध्यम से पर्यावरण संरक्षण संबंधी गतिविधियों को गति देने पर भी चर्चा हुई।

इस अवसर पर जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी डॉ. कमलेन्द्र कुमार कुशवाहा ने कहा कि शिक्षा की गुणवत्ता से किसी भी स्तर पर समझौता नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि जिन ब्लॉकों अथवा न्याय पंचायतों की प्रगति एनबीएमसी पोर्टल पर अपेक्षा के अनुरूप नहीं है, वहां तत्काल सुधारात्मक कार्रवाई की जाए। सभी खंड शिक्षा अधिकारी, डायट मेंटर्स, एआरपी एवं एसआरजी अपने-अपने क्षेत्रों में विद्यालयों का नियमित अनुश्रवण करें तथा शिक्षकों को ऑन-साइट अकादमिक सहयोग उपलब्ध कराएं।

अध्यक्षीय संबोधन में डायट प्राचार्या सुश्री निधि शुक्ला ने कहा कि एनबीएमसी पोर्टल पर प्रदर्शित प्रगति ही जनपद की वास्तविक शैक्षिक उपलब्धियों का प्रतिबिंब है। उन्होंने सभी खंड शिक्षा अधिकारियों, डायट मेंटर्स एवं अकादमिक सहयोगियों से नवाचारों को बढ़ावा देते हुए आगामी माह की कार्ययोजना का समयबद्ध एवं प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करने का आह्वान किया।

बैठक के अंतिम सत्र में आगामी माह की विस्तृत कार्ययोजना प्रस्तुत की गई। इसमें कमजोर प्रदर्शन करने वाले विद्यालयों के लिए विशेष अकादमिक सहयोग, डायट मेंटर्स के विद्यालय भ्रमण में वृद्धि, शिक्षकों के प्रशिक्षण कार्यक्रमों को और अधिक प्रभावी बनाने तथा एनबीएमसी पोर्टल पर शत-प्रतिशत अद्यतन सुनिश्चित करने पर सहमति व्यक्त की गई। बैठक में उपस्थित सभी अधिकारियों एवं अकादमिक सहयोगियों ने जनपद कौशाम्बी को शिक्षा के क्षेत्र में प्रदेश के अग्रणी जनपदों में शामिल करने का सामूहिक संकल्प लिया।