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दिव्य की कप्तानी में कौशांबी वारियर्स ने लगातार दूसरी बार जीता खिताब

निर्णायक मुकाबले में यूपीजीबी प्रयागराज को सात विकेट से दी शिकस्त, तीन मैचों की सीरीज पर 2-1 से जमाया कब्जा

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कौशाम्बी : नेवादा के विद्या भारती क्रिकेट स्टेडियम में विद्या भारती क्रिकेट सीरीज के निर्णायक मुकाबले में कौशांबी वारियर्स ने शानदार प्रदर्शन करते हुए उत्तर प्रदेश ग्रामीण बैंक (UPGB) प्रयागराज को सात विकेट से शिकस्त दी। इस जीत के साथ कौशांबी वारियर्स ने तीन मैचों की सीरीज 2-1 से अपने नाम कर ली। कप्तान दिव्य के नेतृत्व में टीम ने लगातार दूसरी बार खिताब पर कब्जा जमाकर अपनी श्रेष्ठता कायम रखी। शुरुआती दो मुकाबलों में दोनों टीमों ने एक-एक मैच जीता था, ऐसे में निर्णायक मुकाबले में रोमांच चरम पर रहा।

टास के बाद पहले बल्लेबाजी करने उतरी यूपीजीबी प्रयागराज की टीम कौशांबी वारियर्स के गेंदबाजों के सामने ज्यादा देर टिक नहीं सकी और 16.2 ओवर में महज 79 रन पर पूरी टीम पवेलियन लौट गई। कौशांबी की ओर से आलोक ने शानदार गेंदबाजी करते हुए तीन विकेट चटकाए। कप्तान दिव्य, कृष्णा और अवधेश ने दो-दो विकेट लिए, जबकि अनुज को एक सफलता मिली। विकेट के पीछे राकेश बत्रा ने भी बेहतरीन विकेटकीपिंग करते हुए टीम के गेंदबाजों का साथ दिया।

लक्ष्य का पीछा करने उतरी कौशांबी वारियर्स की शुरुआत सकारात्मक रही। टीम ने 12.5 ओवर में तीन विकेट गंवाकर 83 रन बनाते हुए मुकाबला अपने नाम कर लिया। कप्तान दिव्य ने आक्रामक बल्लेबाजी करते हुए महज 18 गेंदों में 30 रन की तेजतर्रार पारी खेली। अरशद ने 34 गेंदों पर 23 और अवधेश ने 20 गेंदों पर 23 रन बनाकर टीम की जीत में अहम भूमिका निभाई।

पूरी सीरीज में बल्ले और गेंद दोनों से शानदार प्रदर्शन करने वाले कप्तान दिव्य को टूर्नामेंट आफ द सीरीज चुना गया। उन्होंने सीरीज में 98 रन बनाने के साथ चार विकेट भी हासिल किए। कृष्णा को बेस्ट फील्डर, जबकि छह विकेट लेने वाले अवधेश कुशवाहा को बेस्ट बालर का पुरस्कार दिया गया।

मुख्य अतिथि बृजेंद्र नारायण मिश्रा ने खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन करते हुए दोनों टीमों के प्रदर्शन की सराहना की। कौशांबी वारियर्स की जीत में अवनीश, विपिन, पवन, रोहित और अरुण का भी महत्वपूर्ण योगदान रहा। टीम के सामूहिक प्रयास, अनुशासन और शानदार तालमेल के चलते कौशांबी वारियर्स लगातार दूसरी बार विजेता बनने में सफल रही।

विजेता ट्राफी का रोटेशन भी जारी रहेगा। पिछली बार कप्तान दिव्य के पास रही ट्राफी अब आलोक के पास रहेगी। पूरी सीरीज में दोनों टीमों के खिलाड़ियों ने खेल भावना और अनुशासन के साथ शानदार प्रतिस्पर्धा का परिचय दिया।