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बीएसए ने मूरतगंज में परखी एफएलएन प्रशिक्षण की गुणवत्ता, शिक्षकों को बताया ‘निपुण भारत’ का सारथी

प्रशिक्षण के अंतिम दिन बीएसए ने शिक्षकों से किया संवाद, कक्षा शिक्षण में प्रशिक्षण की गतिविधियों को प्रभावी ढंग से लागू करने पर दिया जोर

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कौशाम्बी : विकास खंड मूरतगंज स्थित ब्लाक संसाधन केंद्र (बीआरसी) में चल रहे बुनियादी साक्षरता एवं संख्याज्ञान (एफएलएन) प्रशिक्षण के प्रथम बैच के अंतिम दिवस शनिवार को जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी डा. कमलेन्द्र कुमार कुशवाहा ने औचक निरीक्षण किया। उन्होंने प्रशिक्षण की गुणवत्ता परखी और शिक्षक प्रशिक्षुओं से संवाद कर प्रशिक्षण की प्रगति व उनकी समझ का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने शिक्षकों का उत्साहवर्धन करते हुए उन्हें ‘निपुण भारत का सारथी’ बनकर बच्चों की सीखने की क्षमता को मजबूत करने के लिए प्रेरित किया।

निरीक्षण के दौरान बीएसए ने कहा कि एफएलएन प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य बच्चों में बुनियादी साक्षरता, संख्याज्ञान और भाषाई दक्षता को मजबूत करना है। प्रशिक्षण के दौरान प्राप्त जानकारी और गतिविधियों को शिक्षक अपनी कक्षाओं में प्रभावी ढंग से लागू करें, ताकि बच्चों के सीखने के स्तर में अपेक्षित सुधार लाया जा सके।

उन्होंने कहा कि शिक्षक निपुण भारत मिशन की सफलता की महत्वपूर्ण कड़ी हैं। प्रत्येक शिक्षक को ‘निपुण भारत का सारथी’ बनकर बच्चों को बुनियादी दक्षताओं में निपुण बनाने की दिशा में पूरी जिम्मेदारी के साथ कार्य करना चाहिए। प्रशिक्षण से होने वाले सकारात्मक बदलावों को विद्यालय और कक्षा तक पहुंचाने से जनपद को जल्द से जल्द निपुण बनाने में मदद मिलेगी।

बीएसए ने शिक्षकों से आह्वान किया कि वे हर नौनिहाल के सपनों को नए पंख देने और देश के लिए जिम्मेदार व कुशल पीढ़ी तैयार करने में अपनी अहम भूमिका निभाएं। उन्होंने कहा कि बच्चों की सीखने की नींव मजबूत करना शिक्षक की सबसे महत्वपूर्ण जिम्मेदारियों में से एक है।

विकास खंड में लगभग दो महीने तक चलने वाले एफएलएन प्रशिक्षण में शिक्षकों को राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 और राष्ट्रीय पाठ्यचर्या की रूपरेखा (एनसीएफ) के निर्धारित बिंदुओं के आधार पर प्रशिक्षित किया जा रहा है। प्रशिक्षण का उद्देश्य बच्चों का सर्वांगीण विकास सुनिश्चित करने के साथ ही कक्षा शिक्षण को गतिविधि आधारित और प्रभावी बनाना है। साथ ही शिक्षक-अभिभावक के बीच आत्मीय संबंधों को मजबूत करते हुए विद्यालयों में बच्चों का ठहराव बढ़ाने पर भी जोर दिया जा रहा है।

प्रशिक्षण का संचालन एआरपी टीम के सदस्य नरेश कुमार, व्योमेश मिश्र, शशिकला, जगदीप और प्रशांत त्रिपाठी द्वारा किया जा रहा है। प्रशिक्षण के दौरान शिक्षकों को एफएलएन के लक्ष्यों को कक्षा में प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए आवश्यक गतिविधियों और शिक्षण विधियों की जानकारी दी जा रही है।