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बीएसए के औचक निरीक्षण में खुली स्कूलों की हकीकत, तीन शिक्षक मिले अनुपस्थित,कई प्रधानाध्यापकों को नोटिस

छात्र उपस्थित बढ़ाने और शैक्षिक गुणवत्ता सुधारने के लिए दिए सख्त निर्देश, लापरवाही पर कार्यवाई

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कौशाम्बी: जिले के परिषदीय विद्यालयों में छात्रों की घटती उपस्थिति और शैक्षिक व्यवस्थाओं को लेकर मंगलवार को बेसिक शिक्षा अधिकारी (बीएसए) ने विकास खंड मंझनपुर के सात विद्यालयों का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान कई विद्यालयों में बेहद कम छात्र उपस्थिति, शैक्षिक गतिविधियों में लापरवाही और प्रशासनिक अनियमितताएं सामने आईं। बीएसए ने इस स्थिति पर कड़ी नाराजगी जताते हुए संबंधित शिक्षकों एवं प्रधानाध्यापकों के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश दिए।

निरीक्षण के दौरान प्राथमिक विद्यालय गांधीनगर में 161 नामांकित छात्रों के सापेक्ष मात्र तीन छात्र-छात्राएं उपस्थित मिलीं। वहीं प्राथमिक विद्यालय मंझनपुर द्वितीय में 105 नामांकन के सापेक्ष केवल दो छात्र मौजूद मिले। उप प्राथमिक विद्यालय भेलखा में 184 में 24, प्राथमिक विद्यालय भेलखा में 284 में 62, प्राथमिक विद्यालय कोड़र में 109 में 25, उच्च प्राथमिक विद्यालय टेवां में 150 में 16 तथा प्राथमिक विद्यालय टेवां प्रथम में 138 के सापेक्ष केवल 32 छात्र-छात्राएं उपस्थित पाए गए।

निरीक्षण के दौरान तीन शिक्षक एवं शिक्षिकाएं बिना किसी पूर्व सूचना के अनुपस्थित मिलीं। इस पर बीएसए ने संबंधित शिक्षकों का निरीक्षण तिथि का वेतन एवं मानदेय रोकने के निर्देश दिए। कई विद्यालयों में यह भी पाया गया कि शिक्षक छात्र नामांकन और उपस्थिति बढ़ाने के लिए कोई विशेष प्रयास नहीं कर रहे हैं। कुछ विद्यालयों में साफ-सफाई की स्थिति भी संतोषजनक नहीं मिली।

प्राथमिक विद्यालय गांधीनगर और मंझनपुर द्वितीय में उपस्थिति पंजिका में अनियमितताएं पाए जाने पर संबंधित शिक्षकों को प्रतिकूल प्रविष्टि (परिनिंदा) दी गई। वहीं उप प्राथमिक विद्यालय भेलखा के प्रधानाध्यापक राजेंद्र प्रसाद मिश्र, प्राथमिक विद्यालय भेलखा के प्रधानाध्यापक संदीप कुमार सोनकर, प्राथमिक विद्यालय कोड़र के इंचार्ज प्रधानाध्यापक गगनदीप तथा उच्च प्राथमिक विद्यालय टेवां की इंचार्ज प्रधानाध्यापिका रेखा त्रिपाठी को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया।

प्राथमिक विद्यालय टेवां प्रथम में छात्रों को समय से कार्यपुस्तिकाएं वितरित न करने, विद्यालयी अभिलेखों की समुचित जानकारी न होने तथा साफ-सफाई में कमी पाए जाने पर प्रधानाध्यापक सुरेश कुमार को प्रतिकूल प्रविष्टि देते हुए तत्काल व्यवस्थाएं सुधारने के निर्देश दिए गए।

बीएसए ने कहा कि विद्यालयों में छात्र उपस्थिति बढ़ाने, नामांकन अभियान को गति देने तथा शैक्षिक गुणवत्ता में सुधार लाने के लिए सभी शिक्षक और प्रधानाध्यापक गंभीरता से कार्य करें। भविष्य में भी औचक निरीक्षण जारी रहेगा और लापरवाही मिलने पर कठोर कार्रवाई की जाएगी।

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