कौशाम्बी :जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (डायट) मंझनपुर के प्रशिक्षण हाल में आयोजित ‘प्रज्ञा प्रवाह’ मॉड्यूल आधारित तीन दिवसीय प्रशिक्षण का समापन गुरुवार को हुआ। प्रशिक्षण में उच्च प्राथमिक व माध्यमिक विद्यालयों के शिक्षकों ने प्रतिभाग किया। प्रशिक्षण के दौरान शिक्षकों को बच्चों में मानवीय व संवैधानिक मूल्यों के विकास से संबंधित विभिन्न पहलुओं की जानकारी दी गई।
समापन अवसर पर डायट प्राचार्य निधि शुक्ला ने कहा कि शिक्षक विद्यालयों में बच्चों के अंदर सहानुभूति, करुणा, दयालुता और सहिष्णुता जैसे मानवीय मूल्यों के साथ समानता और स्वतंत्रता जैसे संवैधानिक मूल्यों को विकसित करने पर विशेष जोर दें। उन्होंने कहा कि बच्चों में अच्छे आचरण और व्यवहार का विकास केवल उनके व्यक्तिगत जीवन को बेहतर नहीं बनाता, बल्कि समाज में सकारात्मक बदलाव का मार्ग भी प्रशस्त करता है।
वरिष्ठ प्रवक्ता अनूप कुमार ने कहा कि किसी भी प्रशिक्षण की सफलता तभी मानी जाएगी, जब उसमें प्राप्त ज्ञान और कौशल को विद्यालय स्तर पर प्रभावी ढंग से लागू किया जाए। शिक्षकों को ‘प्रज्ञा प्रवाह’ मॉड्यूल की गतिविधियों को बच्चों की दैनिक शैक्षिक प्रक्रिया से जोड़ते हुए उनके व्यवहार में सकारात्मक परिवर्तन लाने का प्रयास करना चाहिए।
प्रशिक्षण के दौरान संदर्भदाताओं ने विभिन्न महत्वपूर्ण सत्रों का संचालन किया और शिक्षकों को मानवीय व संवैधानिक मूल्यों से जुड़ी गतिविधियों के प्रभावी क्रियान्वयन की जानकारी दी। प्रशिक्षण को सफल बनाने में नोडल प्रवक्ता शबीह मुस्तफा और डा. वंदना सिंह का सराहनीय योगदान रहा।
समापन समारोह में डायट प्राचार्य ने प्रशिक्षण प्राप्त करने वाले सभी प्रतिभागी शिक्षकों को प्रमाणपत्र प्रदान किए। इस अवसर पर डायट के अन्य स्टाफ सदस्य भी उपस्थित रहे।
